तीन वैज्ञानिकों ने भौतिकी में वर्ष 2019 का नोबेल पुरस्कार जीता (08-10-2019)

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तीन वैज्ञानिकों ने भौतिकी में वर्ष 2019 का नोबेल पुरस्कार जीता

  • तीन वैज्ञानिकों जेम्स पीबल्समिशेल मेयर और डिडिएर क्‍यूलॉज ने ब्रह्मांड के क्रमिक विकास और ब्रह्मांड में पृथ्वी के स्थान की समझ में योगदान के लिए नोबेल पुरस्कार 2019 जीता।
  • भौतिकी के नोबेल पुरस्कार 2019 की घोषणा स्वीडन के सोलना में रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज में की गई।
  • पुरस्कार का आधा भाग जेम्स पीबल्स को भौतिक ब्रह्मांडि‍की में सैद्धांतिक खोजों के लिए और दूसरा आधा भाग संयुक्‍त रूप से मिशेल मेयर और डिडिएर क्‍यूलॉज को एक सौर तारे की परिक्रमा करते बहिर्ग्रह (एक्‍जोप्‍लैनेट) की खोज के लिए दिया गया।
  • उन्‍हें नौ मिलियन स्वीडिश क्रोन (7 करोड़ 32 लाख रुपये के बराबर) का नकद पुरस्कार, एक स्वर्ण पदक और एक डिप्लोमा प्रदान किया जाएगा।
  • नोबेल की मृत्यु की वर्षगांठ पर 10 दिसंबर को स्टॉकहोम में आयोजित होने वाले एक वार्षिक समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।

नोट:

  • भौतिक विज्ञान के लिए नोबेल पुरस्‍कार स्वीडिश उद्योगपति, आविष्कारक और आयुध निर्माता अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत से स्थापित छह नोबेल पुरस्कार (रसायन, शांति, भौतिक विज्ञान, शरीरविज्ञान या चिकित्सा और साहित्य) में से एक है।

IAF ने अपनी 87वीं वर्षगांठ मनाई

  • भारतीय वायु सेना (IAF) ने पूरे भारत में अपनी 87वीं वर्षगांठ मनाई।
  • भारतीय वायुसेना ने परेड और वायु प्रदर्शन के साथ दिल्ली के समीप वायु सेना के हिंडन एयर बेस में विभिन्न विमानों को प्रदर्शित किया।
  • इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विंग कमांडर अभिनंदन वर्थमान थे, जिन्होंने मिग फॉर्मेशन का नेतृत्‍व किया और मिग बाइसन विमान उड़ाया।
  • तीनों सेनाओं के प्रमुख आर.के.एस. भदौरिया (एयर चीफ मार्शल)​​बिपिन रावत (थल सेना प्रमुख) और, एडमिरल करमबीर सिंह (नौसेनाध्यक्ष) ने नई दिल्ली स्‍थित राष्‍ट्रीय युद्ध स्मारक गए और स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

नोट:

  • भारतीय वायुसेना (IAF) भारतीय सशस्‍त्र बलों की हवाई ताकत है।
  • इसे 8 अक्टूबर, 1932 में ब्रिटिश साम्राज्य की एक सहायक वायु सेना के रूप में आधिकारिक तौर पर स्थापित किया गया था और द्वितीय विश्‍व युद्ध के दौरान इसकी सेवाओं के सम्‍मान में उपसर्ग रॉयल वर्ष 1945 में जोड़ा गया था।

भारत को फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू जेट विमानों में से पहला विमान मिला

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस में भारतीय वायु सेना (IAF) की ओर से लंबे समय से प्रतीक्षित 36 राफेल लड़ाकू जेट विमानों में से पहला प्राप्‍त किया।
  • चार लड़ाकू जेट विमानों की पहली खेप के मई, 2020 तक भारत आने की उम्मीद है।
  • विमानों को जमीन पर मार करने वाली SCALP मिसाइलों से लैस किया जाएगा जिनकी मारक क्षमता 300 किमी से अधिक है।
  • इन्‍हें IAF पायलटों द्वारा अंबाला बेस में लाने से पहले परीक्षण और मंजूरी प्रक्रिया के तहत कम से कम 1,500 घंटे फ्रांस में उड़ाया जाएगा।
  • भारत ने फ्रांस के साथ 59,000 करोड़ रुपये की लागत से 36 राफेल जेट विमानों की खरीद के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

नोट:

  • राफेल दो इंजनों वाला जेट लड़ाकू विमान है जो एक एयरक्राफ्ट कैरियर और समुद्र तटीय बेस दोनों से उड़ान भरने में सक्षम है।
  • इसे एक बहु उपयोगी विमान के रूप में परिभाषित किया गया है, जो हवाई उत्‍कृष्‍टता और वायु रक्षा, नजदीकी हवाई सहायता, गंभीर हमले, टोह, जहाज-रोधी हमले और परमाणु हमले के लिए सभी लड़ाकू विमान मिशनों को अंजाम दे सकता है।

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